वित्त मंत्री के ऐलान से झूम उठा शेयर बाजार, सेंसेक्स 1300 अंक चढ़ा

TRADE NIVESH : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार की सुबह कॉर्पोरेट टैक्स में कमी का एलान किया. इस फैसले ने घरेलू शेयर बाजारों में जोश भर दिया है. वित्त मंत्री ने कॉर्पोरेट टैक्स दरों में बड़ी कटौती की है. उनके इस ऐलान के बाद भारतीय शेयर बाजार झूम उठा. बीएसई सेंसेक्स ने 1,300 अंकों तक की छलांग लगाई.



सुबह 11 बजे, बाजार में बंपर खरीदारी के चलते बीएसई सेंसेक्स 1,288 अंक या 3.57 फीसदी की छलांग लगाकर 37,382 के स्तर पर रिकॉर्ड किया गया. वहीं, निफ्टी 50 इंडेक्स भी 339 अंक या 3.19 फीसदी की मजबूती के साथ 11,044 के स्तर तक पहुंच गया.

वित्त मंत्री ने कॉर्पोरेट टैक्स की दरों को घटाते हुए उन्हें सभी सरचार्ज और सैसे मिलाकर 25.17 फीसदी कर दिया है. उन्होंने कहा कि यह फैसला एक अध्यादेश के जरिए लागू किया जाएगा.

अपने बयान में वित्त मंत्री ने कहा, "घरेलू कंपनियों के पास अब विकल्प है कि वे 22 फीसदी की दर से आयकर भरें, बशर्ते वे कोई और टैक्स रियायत न लें." वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि जो कंपनिया 22 फीसदी की दर से आयकर भरेंगी, उन्हें कोई भी अन्य न्यूनतम वैकल्पिक टैक्स नहीं चुकाना होगा.

1 अक्टूबर 2019 के बाद स्थापित होने वाली उत्पादन कंपनियों को 15 फीसदी की दर से आयकर भरना होगा. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बजट में बढ़ाए गए सरचार्ज को वापस ले लिया गया है और इक्विटी या इक्विटी यूनिट (म्यूचुअल फंडों में) के जरिए होने वाले कैपिटल गेन पर सरचार्ज नहीं होगा.

पूंजी बाजार में निवेश के प्रवाह को ठोस करने के लिए वित्त मंत्री ने कहा कि बजट 2019 में बढ़ाया गया सरचार्ज STT के दायरे में आने वाली कंपनी के इक्विटी शेयरों या म्यूचुअल फंडों की यूनिट की बिक्री के जरिए होने वाले कैपिटल गेन पर लागू नहीं होगा.

वित्त मंत्री ने अविभाजित हिंदु परिवारों (HUF), व्यक्तियों के समूह (AOP), व्यक्तियों की संस्था (BoI) और आर्टफिशिलयल ज्यूरिस्डिक पर्सन (AJP) को इससे राहत दी है. बढ़ा हुआ सरचार्ज विदेशी निवेशकों को डेरिवेटिव सौदों से होने वाले कैपिटल गेन पर लागू नहीं होगा.

वित्त मंत्री ने सरकारी रियायतों और छूट का फायदा उठाने वाली कंपनियों को राहत देने के लिए न्यूनतम वैकल्पिक टैक्स (MAT) की दर को भी 18.5 फीसदी से घटाकर 15 फीसदी कर दिया है.वित्त मंत्री ने बताया कि कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती से सरकार का रेवेन्यू 1.45 लाख करोड़ रुपये प्रति वर्ष तक कम होगा.

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